शरारती ने 2000 का नोट फाड़कर वॉट्सएप पर डाला, कहा- कोई चिप नहीं क्लिक या टच करके पढ़े पूरी न्यूज़
शरारती ने दो हजार रुपए के नोट में लगी कथित ट्रेकिंग चिप की जांच के लिए उसे फाड़ दिया।
भिलाई, ब्यूरो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद पांच सौ और एक हजार के नोट के चलन से बाहर होने के बाद नई करंसी लेने के लिए बैंक और डाकघरों के सामने मारामारी मची है। इसी बीच एक शरारती ने दो हजार रुपए के नोट में लगी कथित ट्रेकिंग चिप की जांच के लिए उसे फाड़ दिया और उसे वॉट्सएप ग्रुप पर अपलोड कर दिया। खास बात यह है कि जिस ग्रुप में इस फोटो को डाला गया है, उसमें दुर्ग जिले सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ आईपीएस अफसर भी जुड़े हैं।
गुरुवार को शहर के एक वॉट्सएप ग्रुप में शाम 7:18 बजे विनोद उपाध्याय नामक व्यक्ति द्वारा फटे हुए दो हजार रुपए के नोट की तस्वीर पोस्ट की गई। फोटो के साथ लिखा हुआ था कि 'बेवकूफ बना दिया रे, अभी 2000 रु. फाड़कर देखा है, इसमें चिप नहीं है', जबकि भारतीय मुद्रा को फाड़ना न सिर्फ उसका अपमान है, बल्कि यह एक अपराध भी है।
खास बात यह है कि इस ग्रुप में दुर्ग जिले के एसपी अमरेश मिश्रा समेत रायपुर एसपी डॉ. संजीव शुक्ला, बिलासपुर एसपी मयंक श्रीवास्तव, दुर्ग जिला एएसपी राजेश अग्रवाल, ट्रैफिक एएसपी केबी सिंह, एएसपी सुरेशा चौबे सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी जुड़े हैं, लेकिन किसी ने भी इस गंभीर मामले में अपनी प्रतिक्रि या नहीं दी।
आईटी एक्ट में सजा का प्रावधान
किसी भी वाट्सएप ग्रुप में आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करना आईटी एक्ट के तहत अपराध है और इसमें सजा का प्रावधान है। इसके लिए ग्रुप एडमिन से लेकर उसके सभी सदस्य भी आईटी एक्ट के दायरे में आते हैं।
जिम्मेदारों ने दिया घिसा-पिटा जवाब
जांच कराऊंगा
व्यस्तता के चलते वाट्स ग्रुप के सभी मैसेज को ध्यान से नहीं पड़ पाता हूं। मैं इस मामले की जांच कराऊंगा। जांच के बाद आगे जरूर कार्रवाई की जाएगी। -अमरेश मिश्रा, एसपी दुर्ग
दुर्ग का मामला
यह मैसेज दुर्ग जिले से चला है, तो इस पर दुर्ग पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। मैं बहुत सारे ग्रुप में हूं, इसलिए सभी मैसेज को नहीं देख पाता। भारतीय मुद्रा को फाड़ना अपराध है। -डॉ. संजीव शुक्ला, एसपी रायपुर
गंभीर अपराध है
भारतीय मुद्रा नीति के अनुसार किसी भी व्यक्ति को मुद्रा की जांच करने का अधिकार नहीं है। ऐसा करना गंभीर अपराध है। मैंने मैसेज नहीं देखा, इसलिए प्रतिक्रि या नहीं दे सकी। -सुरेशा चौबे, एएसपी आईयूसीएडब्ल्यू



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